जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती जा रही है
यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सरकती जा रही है ||
पनपने नहीं देता कभी, बेदर्द सी उस ख़्वाहिश को
महसूस तुम्हें जो करने की, एक कोशिश होती जा रही है ||
दावे करती हैं ज़िन्दगी, जो हर दिन तुझे भुलाने की ,
एक नाकाम सी कोशिश होती जा रही है ||
आहट से भी चौंक जाए, ,
मालूम नहीं क्यों ज़िन्दगी,
मुस्कराने से भी डरती है ||
मगर एक न एक दिन पाउँगा जरूर तुझको
इस खवाहिश की कोशिश होती जा रही है ||
There's definitely a lot to know about this issue. I really like all the points you made. good morning quotes
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